मुंगेर : जेल में बंद पैक्स अध्यक्ष सिंघिया पंचायत से नामांकन दाखिल करने पहुंचे प्रखंड

मुंगेर : बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का दबदबा किसी से छिपा नहीं है। जेल की सलाखों के पीछे रहने के बावजूद सत्ता और राजनीतिक प्रभाव कैसे बरकरार रहता है, इसका जीवंत उदाहरण बुधवार को मुंगेर के जमालपुर प्रखंड कार्यालय में देखने को मिला।
जमीनी विवाद में हुई गोलीबारी के मामले में करीब चार महीने से जेल में बंद सिंघिया पंचायत के पैक्स अध्यक्ष जमाल मल्लिक उर्फ बबलू मल्लिक को कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन दाखिल कराने लाया गया। पूरे इलाके को मानो पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
हथकड़ी में जकड़े जमाल मल्लिक जब लाव-लश्कर के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यालय परिसर और आसपास उनके समर्थन में नारेबाजी हुई, जिससे माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया। इस शक्ति प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या जेल भी बाहुबलियों के राजनीतिक कद को कमजोर कर सकती है।
निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष पैक्स अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में जमाल मल्लिक ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
नामांकन के बाद जमाल मल्लिक ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत उन्हें सिंघिया पंचायत से पैक्स अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने का अवसर मिला। उन्होंने दावा किया कि पंचायत की जनता का उन्हें भरपूर प्यार और समर्थन मिल रहा है और अगर जनता ने फिर से मौका दिया, तो वे पूरी ईमानदारी के साथ पंचायत के विकास के लिए काम करेंगे।
गौरतलब है कि जमाल मल्लिक जमीनी विवाद को लेकर हुई गोलीबारी की घटना में आरोपी हैं और फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। बावजूद इसके, उनका नामांकन और समर्थकों की हुंकार ने प्रखंड की राजनीति में बाहुबल, प्रभाव और ताकत के समीकरण को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।




