सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने देखा विशेष योग्यजनों के कृत्रिम अंग-उपकरणों को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए शोध कर रही संस्थाओं का प्रस्तुतिकरण

जयपुर, 7 जनवरी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने बुधवार को उन सरकारी या गैर सरकारी शोध संस्थानों, संगठनों एवं व्यक्तियों के प्रस्तुतिकरण देखे, जिन्होंने विशेष योग्यजनों को और अधिक सुविधा एवं सम्बल देने के लिए कृत्रिम अंग या उपकरण की गुणवत्ता के संबंध में शोध किए हैं।
मुख्यालय अम्बेडकर भवन में आयोजित इस अहम बैठक में मशहूर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विशेष योग्यजनों के लिए काम आ रहे कृत्रिम अंगों और उपकरणों को अत्याधुनिक और सहज बनाने के शोध विचार और सुझाव संबंधी विचार रखे।
श्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा में राज्य में विशेष योग्यजनों को और अधिक सुविधा एवं सम्बल प्रदान करने की दृष्टि से आर्टिफिशियल लिंब्स और इक्यूपमेंट की गुणवत्ता के संबंध में शोध की घोषणा की थी। इसी की अनुपालना में संस्थानों से अभिरुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई थी। उन्होंने कहा राज्य सरकार की मंशा है कि विशेष योग्यजनों को मिलने वाले उपकरण गुणवत्तायुक्त हों, उपयोगी हों और पहले से अधिक सहज भी हों।
सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऐसा नवाचार करने वाला राजस्थान अकेला प्रदेश है, जहां विशेष योग्यजनों के लिए सरकार इतनी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने उपकरणों और अंगों को और अधिक हल्का, किफायती तथा उपयोग में सुविधाजनक बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शोध संस्थाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन में स्वावलंबन, सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मददगार साबित होंगे।
बैठक में आयुक्त निदेशालय विशेष योग्यजन श्री इकबाल खान, निजी सचिव श्री रोहित कुमार, अतिरिक्त निदेशक श्री चंद्रशेखर चौधरी सहित श्री रवि पूर्वया, डॉ वैभव भंडारी, श्री क्षितिज शर्मा, डॉ अमित नाटाणी, डॉ विजय राठौर, श्री मृणाल जोशी, श्री सुदेश पचार, श्री महावीर विकलांग सहायता समिति सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।




