राजगढ़ में पीडीएस घोटाले का बड़ा खुलासा डॉ. गिरीश मिश्रा ने सभी विक्रेताओं को जारी किए कारण बताओ नोटिस
लखन गुर्जर राजगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत पात्र परिवारों को वितरित किए जाने वाले गेहूं–चावल में बड़े पैमाने पर अनियमितता का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों द्वारा जिले की विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों का भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें POS मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
जांच में सामने आया कि कई दुकानों पर गेहूं व चावल शून्य अथवा नाममात्र मात्रा में पाए गए, जबकि POS मशीन एवं AePDS पोर्टल में हजारों से लेकर एक लाख किलोग्राम तक का स्टॉक दर्ज था। विक्रेताओं द्वारा न तो स्टॉक से संबंधित कोई लिखित दस्तावेज प्रस्तुत किया गया और न ही ऑनलाइन वितरण का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया।
अनियमितता पाई गई उचित मूल्य दुकानों का विवरण
1
जगदीश तंवर
शासकीय उचित मूल्य दुकान
प्रेमपुरा (भवानीपुरा)
2
देवीलाल नागर
शासकीय उचित मूल्य दुकान
गिंदोरी
3
गोपाल सिंह
शासकीय उचित मूल्य दुकान
फूलखेड़ी
4
मनोहर सिंह दांगी
शासकीय उचित मूल्य दुकान
चौंसला
5
गोविंद सिंह
शासकीय उचित मूल्य दुकान
प्रेमपुरा (भवानीपुरा)
6
पवन गुर्जर
शासकीय उचित मूल्य दुकान
पाडलीखाती
7
धनसिंह
शासकीय उचित मूल्य दुकान
मोतीपुरा
8
मोहन सौंधिया
शासकीय उचित मूल्य दुकान
प्रेमपुरा (भवानीपुरा)
9
हरिनारायण यादव
शासकीय उचित मूल्य दुकान
कीलखेड़ा
10
गोवर्धन तंवर
शासकीय उचित मूल्य दुकान
कांसी
11
गिरवर सिंह
शासकीय उचित मूल्य दुकान
ओडपुर
12
रामबाबू यादव
शासकीय उचित मूल्य दुकान
करनवास
13
अमृतलाल सेन
शासकीय उचित मूल्य दुकान
बाईहेड़ा
14
रामबाबू परमार
शासकीय उचित मूल्य दुकान
मोरपीपली
15
ओमप्रकाश
शासकीय उचित मूल्य दुकान
गोलाखेड़ा
16
जगदीश तंवर
शासकीय उचित मूल्य दुकान
कलीखेड़ा
कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन
जांच में यह कृत्य मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 11, 13 एवं 18 का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है, जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
09 जनवरी तक जवाब तलब
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने सभी संबंधित विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे 09 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजे समक्ष में उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकपक्षीय कठोर कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की चेतावनी दी गई है।



