अंचल में धूमधाम से मना अन्नदान का महापर्व : छेरछेरा
छेरछेरा पर्व में अन्नदान करते कृषक हुलास चंद वर्मा
संजय कुमार रजक
अर्जुनी। छत्तीसगढ़ राज्य का प्रथम लोकपर्व अन्नदान का महापर्व छेरछेरा पर्व अंचल में धूमधाम से मना। पूरे गांव के चौक बस्ती में व मांदर के थाप पर गांव के बड़े बुजुर्ग व बच्चे सभी वर्ग ने अन्नदान के पर्व के अवसर पर घर घर पहुंच छेरछेरा मांगा ।तो वही विभिन्न समूहों ने भी दान प्राप्त किया। बता दे कि पुन्नी माह के प्रथम दिन ही इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है । वंही गांव -गांव में मेला मड़ई का भी आयोजन होता है जिसमे बड़े बच्चे प्राप्त धान को बेचकर मेले का लुफ्त उठाते है ।
अन्नदान ग्रहण करते गांव के युवा वर्ग : पर्व छेरछेरा फ़ोटो साभार : खोमेंद्र साहूभाजपा नेत्री व पूर्व सरपंच चित्ररेखा साहू द्वारा अन्नदान (छेरछेरा) प्रदान करते हुए
पर्व को लेकर उत्साह एवं उमंग रहा। प्रत्येक गलियों में छेरछेरा माई की कोठी के धान ला हेर हेरा की गूंज रही। बैंडबाजा रामधुनि मांदर के साथ गीत गायन करते हुये छेरछेरा मांगा गया। घरो में पर्व को लेकर धान को टोकरी सुपा में रखकर अन्न का दान किए ।अंचल के गांवों से दिल को खुश करने वाले तस्वीर सामने आई जिसने इस पर्व को और भी आनंदित किया।
पर्व पर उल्लसित गांव के बच्चे
विदित हो कि यह लोकपर्व पर्व पौष पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।छत्तीसगढ़ प्रमुख फसल धान है जो कि परंपरागत इस समय किसानों की फसल कटाई के बाद भरे भंडार की खुशी में यह त्योहार मनाने की परंपरा है। समाज के सभी वर्गों के लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते है। ग्रामीण इलाकों में इस पर्व की रौनक विशेष रूप से देखी गई। छेरछेरा को सामुदायिक सद्भाव और खुशियां बांटने का पर्व माना जाता है। पूरे प्रदेश में लोगों ने इसे उल्लास के साथ मनाया।