गया : दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का हुआ समापन

गया जी : दिनांक 7 दिसंबर 2025 को दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का समापन स्टॉलों के मूल्यांकन एवं प्रतिभागियों को सम्मान प्रदान करने के बाद किया गया। मेले में कुल 20 विभागों और प्रतिष्ठानों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए थे।
मूल्यांकन के आधार पर :-
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मिलेट्स, मायापुर टनकुप्पा को प्रथम स्थान,अग्रणी जिला प्रबंधक, गया के स्टॉल को द्वितीय स्थान,तथा प्राण संस्थान के स्टॉल को तृतीय स्थान प्रदान किया गया। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र, मानपुर, कृषि विज्ञान केंद्र, आमस, कंफेड गया तथा अन्य विभागीय स्टॉलों को सांत्वना सम्मान दिया गया।
गैर सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों द्वारा भी लगभग 10 स्टॉल लगाए गए। इनमें से नंदिनी बायोफर्टिलाइजर एवं नर्सरी, शेखवरा (बोधगया) के स्टॉल से ₹20,000 से अधिक के बायोफर्टिलाइजर और पौधों की बिक्री हुई। छोटे यंत्र विक्रेताओं के स्टॉलों पर हस्तचालित कृषि यंत्रों की बिक्री तथा बीज विक्रेताओं द्वारा सब्जियों के बीजों की बिक्री की गई।
कंफेड के स्टॉल से विभिन्न सुधा उत्पादों की भी अच्छी बिक्री हुई।
मेले के दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र, आमस के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. विमलेश कुमार पांडेय ने दलहनी एवं तिलहनी फसलों की वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दलहनी फसलों की खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है तथा वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से उपज में वृद्धि होती है।
जिला परामर्शी श्री सुदामा सिंह ने तिलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
प्राण संस्था की दीदी श्रीमती राधा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न उपादानों के निर्माण एवं उपयोग की विधि विस्तार से समझाई।
पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा विभाग की योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई।
मेले के दूसरे दिन भी डेढ़ हजार से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।




