नक्सली प्रतिरोध दिवस पर बिहार हाई अलर्ट, ऑपरेशन तेज

मुंगेर : 23 नवंबर को नक्सलियों द्वारा घोषित देशव्यापी प्रतिरोध दिवस को देखते हुए बिहार में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर 18 नवंबर को हुए भीषण मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली कमांडर माडमी हिड़मा सहित छह नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सलियों की केंद्रीय समिति ने प्रतिरोध दिवस की घोषणा की थी। इसी के मद्देनज़र बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
शनिवार तड़के करीब 5 बजे से धरहरा, लड़ैयाटांड़, खड़गपुर, जमुई और लखीसराय से सटे जंगलों में विशेष खोज अभियान चलाया जा रहा है। धरहरा थाना क्षेत्र के बरमन्नी, बरमसिया, बिलोखर; लड़ैयाटांड़ क्षेत्र के करैली, खोपावर, सतघरवा, सखोल, गौरैया, न्यू पैसरा, मथुरा, अमरासनी, लठिया कोरासी, बंगालीबांध, पैसरा; खड़गपुर थाना क्षेत्र के भीमबांध, कदनी तथा जमुई और लखीसराय जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के चोरमारा, अभयपुर, कजरा और चानन के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी और गहन सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
इस अभियान में सीआरपीएफ, कोबरा/चिता बल, एसटीएफ और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम शामिल है। सुरक्षा बलों का मुख्य फोकस नक्सलियों की किसी भी संभावित हलचल का समय रहते पता लगाना और उसे रोकना है।
एसटीएफ के डीएसपी सुनील शर्मा ने बताया कि सतर्कता में किसी भी तरह की कमी नहीं बरती जा रही है।




