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सिंचाई परियोजनाओं से पर्यटन तक विकास को गति देगी सरकार, फूड पार्क बनाने पर जोर

महिला एवं बाल विकास के चार नए कार्यालय खुलेंगे, आयुष मिशन के लिए 1,698 करोड़ रुपये की योजना जारी रखने की मंजूरी; खिलाड़ियों को मिलेगी पुरस्कार राशि

भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय योजनाओं और जिला विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर रोजगार के अवसर बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना है।

चार जिलों में खुलेंगे महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय

प्रदेश के नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के चार कार्यालय खोले जा रहे हैं। इससे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने के साथ हितग्राहियों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

सिंचाई परियोजनाओं को पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी

राज्य सरकार ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं को निरंतरता देने के निर्णय लिए हैं। रायसेन जिले के उदयपुरा और भोजपुर क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा सीतामऊ परियोजना के लिए लगभग 750 करोड़ रुपये की योजना तथा सिंगरौली क्षेत्र को लाभान्वित करने वाली 1,320 करोड़ रुपये की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करना है।

ढाई साल में नौ नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी

आयुष शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 1916 में ग्वालियर में प्रदेश का पहला आयुर्वेदिक कॉलेज स्थापित हुआ था। वर्तमान सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में नौ नए आयुर्वेदिक कॉलेजों को मंजूरी दी है, जो शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत लगभग 1,698 करोड़ रुपये की योजना को निरंतर जारी रखने की मंजूरी भी दी गई है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

फूड पार्क से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाओं पर जोर देते हुए फूड पार्क विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर खाद्य उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार कृषि और पशुपालन को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दो लाख रुपये तक का पुरस्कार

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये तथा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा।

मेडिकल टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। घड़ियाल अभयारण्य के साथ मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। इन क्षेत्रों में विकास से स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की संभावना है।

विकास कार्यों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिलों में विकास समितियों की बैठकें आयोजित कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टरों को विधानसभा क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा करने, स्थानीय समस्याओं को समझने और बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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