सेवा मेरा योगदान विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित कर बढ़ाया उत्साह, मेधावी विद्यार्थियों के लिए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने की प्रोत्साहन राशि की घोषणा

राजगढ़
सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल ने शनिवार को विकासखंड सारंगपुर क्षेत्र के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को आवश्यक पठन-पाठन सामग्री वितरित की तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनना रहा। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शासकीय सांदीपनि विद्यालय के हायर सेकेंडरी के जो विद्यार्थी परीक्षा में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें उनकी ओर से 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि विद्यार्थी देश और समाज का भविष्य हैं। उनकी प्रतिभा को निखारना, उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों की मेहनत और प्रतिभा को उचित सम्मान मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक या संसाधनों की कमी किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा और सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहिए, ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। ‘सेवा मेरा योगदान’ जैसे कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करते हैं।
‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराकर शिक्षा के प्रति सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों के चेहरों पर खिलती मुस्कान और उनकी आंखों में उज्ज्वल भविष्य के सपने इस सेवा कार्य की सार्थकता को दर्शाते नजर आए। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद की मदद करना, किसी विद्यार्थी का उत्साह बढ़ाना और उसकी प्रतिभा को आगे लाने में सहयोग करना भी सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है। शिक्षा के क्षेत्र में किया गया छोटा-सा प्रयास भी बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत कर उनके सपनों को नई उड़ान दे सकता है।



