बिल्डिंग मटेरियल ठेकेदार का अपहरण कर मांगी 5 लाख रुपये की फिरौती जंगल में बंधक बनाकर की मारपीट, भोपाल के होटल में बंद कर 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए; तीन लाख के चेक पर भी जबरन कराए हस्ताक्षर

लखन गुर्जर/भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बिल्डिंग मटेरियल के एक ठेकेदार और उसके पार्टनर के अपहरण, मारपीट और फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने दोनों को रास्ते में रोककर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर बंधक बनाया और मारपीट करते हुए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों के मोबाइल फोन भी छीन लिए। बाद में दोनों को भोपाल लाकर एक होटल के कमरे में बंद कर दिया गया, जहां दबाव बनाकर 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए और तीन लाख रुपये का चेक भरवाकर उस पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। पीड़ितों की शिकायत पर बैरसिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
विदिशा के पास कार रोककर किया अपहरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवास निवासी बिल्डिंग मटेरियल ठेकेदार मंगेश जायसवाल अपने पार्टनर सोनू शेख के साथ जा रहे थे। इसी दौरान विदिशा के पास कुछ लोगों ने उनकी कार रुकवा ली। आरोप है कि इसके बाद दोनों को अपने साथ ले जाकर बंधक बना लिया गया। आरोपी उन्हें पास के जंगल में ले गए, जहां उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और उनके साथ मारपीट की गई।
बताया गया है कि आरोपियों ने दोनों पर पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया। फिरौती की मांग पूरी करने के लिए उन्हें धमकाया गया। अचानक हुई इस घटना के कारण दोनों पीड़ित आरोपियों के कब्जे में फंस गए और उनके सामने अपनी सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया।
जंगल से भोपाल लाकर होटल में रखा
आरोपियों ने जंगल में बंधक बनाने के बाद दोनों पीड़ितों को भोपाल लाकर होटल माया पैलेस के एक कमरे में बंद कर दिया। यहां भी कथित तौर पर उन पर रुपये देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित से 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा तीन लाख रुपये का एक चेक भरवाकर उस पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए।
इस तरह आरोपियों ने कथित तौर पर फिरौती की रकम हासिल करने के लिए ऑनलाइन लेनदेन और चेक का सहारा लिया। हालांकि, पांच लाख रुपये की मांग के मुकाबले कितनी रकम वास्तव में वसूल की गई और चेक का इस्तेमाल किया गया या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ब्लिंकिट में काम दिलाने के बाद विवाद की चर्चा
मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि ठेकेदार मंगेश जायसवाल ने आरोपियों को ब्लिंकिट में काम दिलाया था। बताया जा रहा है कि इसी से जुड़े विवाद के बाद यह घटना हुई। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, आरोपियों और पीड़ितों के बीच पहले से किस तरह के संबंध थे और घटना की योजना कैसे बनाई गई, इन बिंदुओं पर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आरोपियों के चंगुल से छूटकर थाने पहुंचे पीड़ित
आरोपियों के कब्जे से निकलने के बाद मंगेश जायसवाल और सोनू शेख बैरसिया थाने पहुंचे। वहां उन्होंने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। पीड़ितों ने अपहरण, बंधक बनाने, मारपीट करने, पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने और जबरन रुपये ट्रांसफर कराने सहित चेक पर हस्ताक्षर करवाने के आरोप लगाए।
शिकायत मिलने के बाद बैरसिया थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।




