राजस्‍थान

ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल के वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 कार्यक्रम आयोजित

जयपुर, 10 मई। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और उन्होंने सदैव हमारी सभ्यता एवं संस्कारों का संरक्षण किया है। उन्होंने कहा कि हमारे वेदों में ज्ञान का अथाह सागर समाया हुआ है तथा भारत ने अपने इसी ज्ञान और दर्शन के बल पर पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि समग्र विकास का आधार भी हैं। वैदिक परंपराएं मानव जीवन को अनुशासन, नैतिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने गुरुकुल में अध्ययनरत ऋषि कुमारों को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। मनुष्य जितना अधिक ज्ञान अर्जित करता है, उतना ही उसे यह अनुभव होता है कि अभी बहुत कुछ जानना और सीखना बाकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह दीपक है जो अंधकार में भी सही मार्ग दिखाती है और जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाती है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार हमारे वेदों और संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वह हर चुनौती के बाद और अधिक सशक्त होकर उभरी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।

कार्यक्रम में ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल, मवडी में आयोजित वार्षिकोत्सव धरोहर 2026 का रविवार को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। गोधूली वेला में वन्दे मातरम् के सामूहिक गायन एवं दीपोत्सव के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।

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