पूर्व से स्वीकृत है 400 करोड़ का बजट, लेकिन सिर्फ स्वीकृति का इंतजार भोपाल से स्वीकृत होकर दिल्ली में अटकी
राजगढ़ बाइपास की फाइल 2024 में दो रूटों पर बनी थी सहमति लेकिन, दिसंबर 2024 से उक्त दोनों रूटों में से किसी एक की स्वीकृति के लिए फाइलें दिल्ली में पड़ी हुई धूल खा रही है। न तो जनप्रतिनिधियों और न ही एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा इसको लेकर कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। हालात यह हैं कि राजगढ़ शहर के लिए अत्यंत जरूरी बाइपास की फाइल आज तक नजर नहीं आ रही है।
इन दोनों में से किसी एक पर बनना है बाइपास
राजगढ़ बाइपास निर्माण के लिए दो रूट पर विचार हुआ था। जिनमें से बोरी महादेव के पीछे वाला रूट एवं दूसरा रूट ब्यावरा रोड की तरफ से प्रस्तावित किया गया था। इन दोनों में से किसी एक के फाइनल होने की स्वीकृति है। इनमें एक रूट 9.5 किमी लंबा है जो प्रतापगज, भगवतीपुर जुगलपुरा होते हुए देव जरी गांव के पास निकलेगा, वही दूसरा मार्ग करीब 15 किमी लंबा है।
रामपुरा, काली तलाई, होते हुए जोगीपुरा गांव के पास निकलेगा
आमजनों, सभी दलों की सहमति से दो रूटों के प्रस्ताव जा चुके हैं राज्यपाल।
निर्माण हो चुके हैं लेकिन राजगढ़ मुख्यालय पर बाइपास निर्माण की प्रक्रिया महज कुछ स्वीकृतियों के लिए अटकी हुई है। आपको बता दें कि वर्तमान में राजगढ़ बाइपास मार्ग की सीमा से होकर गुजरता है। ऐसे में हाइवे पर प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही से नागरिक सीमा में दुर्घटनाएं हो रही हैं।
साल 2016 में ब्यावरा से राजस्थान तक फोरलेन के दोहरीकरण के समय भी एनएचएआई के जिम्मेदारों ने इस ओर विचार नहीं किया।
15 किमी के बाइपास हेतु 400 करोड़ हो चुके स्वीकृत
राजगढ़ मुख्यालय पर 400 करोड़ रुपए लागत वाले बाइपास निर्माण प्रारंभिक चरण में तीन रूटों पर विचार किया गया था। पहला रूट खोयरी महादेव के पीछे वाले रूट को प्रस्तावित करते हुए लगभग 80 फीसदी किसानों की सहमति होने के चलते इस रूट को पूरी तरह खारिज कर दिया गया।
बाद में बाइपास निर्माण के लिए दो रूट प्रस्तावित किए गए। इन दोनों पर आमजन, सभी दलों के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन (एनएचएआई) के अधिकारियों द्वारा सहमति की गई। इसके बाद दोनों रूटों में से किसी एक रूट पर बाइपास निर्माण की फाइल भोपाल पहुंचने के उपरांत राजधानी से दिल्ली भेजी गई।
खास-खास
परियोजना : राजगढ़ बाइपास निर्माण
विभाग : एनएचएआई
लागत : 400 करोड़
किमी : लगभग 02 रूट
किमी : 9.5 एवं 15 किमी के दो रूट प्रस्तावित
कब अटका : राजधानी दिल्ली
अटका कहां है
कुछ तकनीकी कारणों से मामला अटका है। एक बार पुनः दिल्ली जाकर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है।
- — रोड़ मल नागर, सांसद, लोकसभा, राजगढ़

