मध्यप्रदेश

गंदे पानी की निकासी पर बवाल: शिकायत करना पड़ा भारी, आरटीआई एक्टिविस्ट को जान से मारने की धमकी

धनपुरी में दहशत का माहौल, पीड़ित की सुरक्षा को लेकर थाने में शिकायत दर्ज

धनपुरी (शहडोल)।नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 16 में गंदे पानी की अव्यवस्थित निकासी को लेकर उपजा विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। मोहल्ले में फैली गंदगी और बदबू के खिलाफ आवाज उठाना एक प्रतिष्ठित नागरिक और आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद असलम को भारी पड़ गया। शिकायत के बाद उन्हें खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद नईम एवं मोहम्मद अनीश द्वारा अपने घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सार्वजनिक मार्ग पर बहाया जा रहा है। इससे आम रास्ता कीचड़, बदबू और गंदगी से पट गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आवागमन बाधित हो रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शिकायत पर भड़के आरोपी, दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित मोहम्मद असलम ने बताया कि उन्होंने कई बार समझाइश दी कि गंदा पानी नालियों में बहाया जाए, लेकिन आरोपियों ने उनकी बात अनसुनी कर दी। मजबूर होकर उन्होंने 29 दिसंबर को नगर पालिका धनपुरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जब नगर पालिका का कर्मचारी नोटिस देने पहुंचा, तो आरोपियों ने न सिर्फ नोटिस लेने से इनकार किया बल्कि धमकी देते हुए कहा कि “आज असलम को जान से मार देंगे।”
इतना ही नहीं, मोहम्मद असलम के अनुसार, उन्हें खुलेआम गाली-गलौज कर डराने का प्रयास किया गया। उस समय वे घर पर अकेले थे, जबकि उनकी पत्नी पारिवारिक कारणों से नागपुर गई हुई थीं। जान का खतरा महसूस होने पर उन्होंने तत्काल थाने पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
आरटीआई एक्टिविस्ट होने के कारण बनाया जा रहा निशाना
पीड़ित असलम नगर के जागरूक नागरिक और आरटीआई एक्टिविस्ट हैं। उनका कहना है कि जनहित में उठाई गई आवाज को दबाने के लिए उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत करने पर उल्टा उन्हें ही डराया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बन गया है।
नगर में बढ़ता आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और क्या आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण व सुरक्षा मिल पाएगी या नहीं।

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