पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीदों को किया नमन बोले—पुलिस और सशस्त्र बलों का समर्पण राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा का आधार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पुलिस और सशस्त्र बलों की राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके साहस, शौर्य और समर्पण से ही देश की एकता एवं अखंडता सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 का ऐतिहासिक बलिदान हमें कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। सनातन संस्कृति में शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज की रक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे पुलिसकर्मियों एवं सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश लगभग 35 वर्षों तक नक्सलवाद की चुनौती का सामना करता रहा है। इस कठिन दौर में जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध मिली उपलब्धियों को गौरव का विषय बताया।।
उन्होंने कहा कि लाल चौक से लेकर लाल किले तक लहराता तिरंगा भारत के स्वाभिमान, सामर्थ्य और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। इसके पीछे देश के वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा भी जुड़ी है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के लोकतंत्र की सुरक्षा और मजबूती में पुलिस एवं सशस्त्र बलों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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