सारंगपुर को मिली फोरलेन सड़क की सौगात, 46.24 करोड़ रुपये से होगा 7 किमी मार्ग का निर्माण राज्यमंत्री ने 13 विकास कार्यों का किया गणेश पूजन एवं भूमिपूजन, 3.76 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का शुभारंभ

राजगढ सारंगपुर नगर के विकास को नई गति देने की दिशा में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग श्री गौतम टेटवाल ने शनिवार को सारंगपुर सिटी पोर्शन (ओल्ड एबी रोड) के फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। लगभग 46 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के अंतर्गत करीब 7 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण कर फोरलेन के रूप में नवीन निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही नगर के विभिन्न वार्डों में 3 करोड़ 76 लाख 75 हजार 336 रुपये से अधिक लागत के 13 विकास कार्यों का गणेश पूजन एवं भूमिपूजन किया गया।फोरलेन सड़क निर्माण से नगर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, आवागमन को सुगम करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत सड़क के मध्य डिवाइडर बनाया जाएगा तथा आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। यह परियोजना सारंगपुर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ नगर के सुनियोजित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
*विकास का लाभ हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुंचे – राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि आज का अवसर सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सारंगपुर के निर्माण का संकल्प दोहराने आए हैं, जो आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो, जहां बेहतर सड़कें, पर्याप्त बिजली, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक नागरिक को विकास का लाभ मिले। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कार्य कर रही है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और प्रदेश का हर क्षेत्र प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुए।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर नगर को व्यवस्थित, सुविधायुक्त और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत 3 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए जा रहे हैं। इनमें सीसी रोड, सामुदायिक भवन, बाउंड्रीवॉल, डोम निर्माण, टीनशेड तथा कपिलेश्वर घाट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। विगत वर्ष बस स्टैंड परिसर में 35 लाख रुपये से कम लागत में उच्च गुणवत्ता का डामरीकरण कराया गया। आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए 2 करोड़ रुपये की लागत से सिंहस्थ पड़ाव का निर्माण भी प्रस्तावित है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने बताया कि आज वार्ड क्रमांक 2, 4, 7, 8, 14 एवं 15 में लगभग 3.76 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इनमें वार्ड क्रमांक 2 की नेहरू कॉलोनी एवं बिरजावाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर आरसीसी नाली निर्माण, वार्ड क्रमांक 4 में डामरीकरण एवं सीसी रोड निर्माण, वार्ड क्रमांक 7, 14 एवं 15 में सड़क और नाली निर्माण तथा वार्ड क्रमांक 8 में सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कपिलेश्वर मंदिर परिसर में ऑडिटोरियम हॉल निर्माण तथा कपिलेश्वर धाम में विद्युत पोल एवं प्लांटर लगाने के कार्य भी किए जाएंगे। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि इन कार्यों का उद्देश्य नगर में सड़क संपर्क, जल निकासी और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। विकास का लाभ प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि किसी भी नगर की प्रगति में बेहतर सड़कें और सुगम यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सारंगपुर नगर से गुजरने वाले पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में विकसित करने से नगर की यातायात क्षमता बढ़ेगी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने बताया कि कालीसिंध नदी पर लगभग 15 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से नवीन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सारंगपुर में लगभग 5 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से नवीन जनपद पंचायत भवन का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, लगभग 4 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से नवीन विश्रामगृह का कार्य प्रगतिरत है। उपजेल सारंगपुर में 76 लाख रुपये की लागत से नवीन बैरक का निर्माण कराया गया है, जिससे बंदियों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हुई है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि विकास की वास्तविक तस्वीर तब दिखाई देती है, जब गांवों तक अच्छी सड़कें पहुंचती हैं। सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को विद्यालयों से जोड़ने और ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का माध्यम हैं।इसी सोच के साथ सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में सेमलीलोडा से भूमका, बिरगड़ी से खजुरिया घाटा, बखेड़ से काल्याखेड़ी, साबरस्या से मेहरीछोटी तथा पटाडियाधाकड़ से बुढनपुर मार्गों के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार नई सड़कों की स्वीकृति के लिए प्रयास किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज और विकसित प्रदेश की आधारशिला होते हैं। सरकार का प्रयास है कि लोगों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध हों। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 11 नवीन उपस्वास्थ्य केंद्रों की शुरुआत की गई है, जिनमें प्रति केंद्र लगभग 55 लाख रुपये की लागत आई है। सारंगपुर के जयनगर में 25 लाख रुपये की लागत से संजीवनी क्लीनिक भवन की व्यवस्था की गई है। सिविल अस्पताल सारंगपुर में एटीएम हेल्थ चेकअप मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल सारंगपुर में चार डायलिसिस इकाइयों की स्थापना की गई है, जिससे किडनी संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि सारंगपुर, पचोर और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता बेहतर हुई है। हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो, आधुनिक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध हों और आम नागरिकों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि शिक्षा समाज के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में लगभग 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रुपये की लागत से सात अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में बाउंड्रीवॉल एवं छह अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए लगभग 3 करोड़ 80 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।उन्होंने कहा कि इन कार्यों से शैक्षणिक संस्थानों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हमारा लक्ष्य है कि सारंगपुर के विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपनी प्रतिभा के बल पर क्षेत्र, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। किसानों की समृद्धि को क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि किसान समृद्ध होगा, तभी गांव समृद्ध होगा। इसी भावना के साथ सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के 26 गांवों की लगभग 11,040 हेक्टेयर भूमि को मोहनपुरा डेम विस्तार योजना के अंतर्गत सिंचाई सुविधा से लाभान्वित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस योजना की लागत लगभग 396 करोड़ 21 लाख रुपये है और इसकी निविदा प्रक्रिया जारी है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि विकास के लिए निर्बाध और बेहतर विद्युत व्यवस्था आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कार्य किए गए हैं। सारंगपुर के रानी रूपमती ग्रिड में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के लिए लगभग 50 लाख रुपये स्वीकृत कराए गए हैं। पचोर नगर के बिलापुरा में भी 5 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की गई है। इसके अतिरिक्त जोगीपुरा, मगराना, बावली एवं भाटखेड़ी में नवीन विद्युत सबस्टेशन स्थापित करने के कार्य भी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जून को भैंसवामाता में सारंगपुर क्षेत्र के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इन घोषणाओं को संबंधित विभागों के समन्वय से नियमानुसार आगे बढ़ाने और समयसीमा में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सारंगपुर नगर में रीडेंसिफिकेशन योजना के अंतर्गत शासकीय भवनों एवं आवासों के पुनर्निर्माण की योजना है। इससे उपलब्ध शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करते हुए नगर की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के समीप हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना भी है, जिससे नगर के सुनियोजित विस्तार और बेहतर आवासीय सुविधाओं की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि पूजनीय अम्बे माता मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार की घोषणा धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है। सारंगपुर-संडावता मार्ग पर लीमाचौहान में उतावली नदी पर नवीन पुल का निर्माण क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा। भैंसवामाता लोक के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। द्वार योजना के अंतर्गत सारंगपुर एवं पचोर नगरों में आवश्यकता के अनुसार सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। वहीं, करौंदी से हीरापुर गांव तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, भवन और बिजली तक सीमित नहीं है। विकास का वास्तविक अर्थ हर परिवार के जीवन में सुविधा, हर किसान के खेत तक पानी, हर विद्यार्थी के लिए शिक्षा, हर जरूरतमंद के लिए स्वास्थ्य सुविधा और हर युवा के लिए आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में सारंगपुर क्षेत्र के विकास को निरंतर प्राथमिकता मिल रही है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों के सहयोग से विकास कार्य आगे बढ़ रहे हैं। सारंगपुर के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। फोरलेन सड़क सहित विभिन्न विकास कार्यों के शुभारंभ एवं भूमिपूजन से सारंगपुर के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के पूर्ण होने पर नगरवासियों को बेहतर आवागमन, मजबूत आधारभूत संरचना और उन्नत नागरिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।



