राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने किया लड्डू गोपाल का पूजन, जन्माष्टमी पर बांटे 151 लड्डू गोपाल

राजगढ़ जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को नगर के श्रीराम भक्त हनुमान मंदिर भोजपुरिया में धार्मिक आयोजन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का अभिषेक, पूजन-अर्चन और आरती वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूजन के बाद प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल, सांसद रोडमल नागर और नगर परिषद अध्यक्ष विकास करोड़िया ने श्रद्धालुओं को 151 लड्डू गोपाल वितरित किए।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) टेटवाल एवं मुख्य यजमान श्री स्वप्निल मंगल की उपस्थिति में पंडित श्री इंद्रजीत पाराशर ने विधि-विधान से अभिषेक कराया। मंत्रोच्चार के साथ पूजन और आरती हुई। मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री टेटवाल ने कहा कि जन्माष्टमी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म, सत्य और कर्तव्य का संदेश देता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कर्तव्य के मार्ग से विचलित हुए बिना जीवन जीने की प्रेरणा दी। आज की युवा पीढ़ी को श्रीकृष्ण के विचारों और आदर्शों को समझकर उन्हें अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को संस्कार, सद्भाव और भाईचारे से जोड़ते हैं। बच्चों और युवाओं की ऐसे आयोजनों में भागीदारी हमारी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
सांसद श्री नागर ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कर्म और धर्म का संदेश देता है। जन्माष्टमी जैसे पर्व नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। ब्रह्माकुमारी वैशाली दीदी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, शांति, सत्य और श्रेष्ठ कर्मों की प्रेरणा देता है। पर्व केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि विचारों की शुद्धता, व्यवहार में प्रेम और परिवार में संस्कारों का वातावरण समाज को मजबूत बनाता है। नगर परिषद अध्यक्ष श्री करोड़िया ने कहा कि धार्मिक आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। जन्माष्टमी कार्यक्रम में नगरवासियों की सहभागिता धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता को दर्शाती है।

