आज़ादी के बाद भी पक्की सड़क से वंचित जसापुरा–बलवीरपुरा मार्ग, जनसुनवाई में गूंजा ग्रामीणों का दर्द

लखन गुर्जर राजगढ़।सरकारी योजनाओं और विकास के दावों के बीच ग्राम पंचायत काली तलाई के अंतर्गत आने वाले बलवीरपुरा, छावन, शाहपुरिया एवं किशनपुरिया गांव आज भी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। जसापुरा से बलवीरपुरा तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या को लेकर ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है।
मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में सभी प्रभावित गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की। ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान बताया कि आज़ादी के बाद से अब तक यह मार्ग कच्चा ही बना हुआ है, जबकि कई बार मांग और शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि खराब सड़क के कारण आपातकालीन सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। गंभीर स्थिति में 108 एम्बुलेंस का गांव तक नहीं पहुंच पाना आम हो गया है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। कई बार परिजनों को मरीज को चारपाई या निजी साधनों से दूर तक ले जाना पड़ता है।
सड़क की बदहाली का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को दुपहिया वाहनों से विद्यालय पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उबड़-खाबड़ रास्ते, बड़े पत्थर और गड्ढों के कारण समय पर स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार बुजुर्गों और महिलाओं को दुपहिया वाहन पर बैठाकर ले जाना जोखिम भरा हो गया है। बरसात के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं। कीचड़ भर जाने से वाहन फिसलते हैं, कई बार रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है और गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क नहीं होने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ समय की भी बर्बादी हो रही है।
जिला स्तरीय जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत जसापुरा से बलवीरपुरा तक पक्की सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके
