RAJGARH

जनसुनवाई में ग्रामीणों का आरोप: हालाहेडी पंचायत में 22.80 लाख के फर्जी बिल, 46.84 लाख के काम कागजों में पूरे

मनरेगा व वृक्षारोपण कार्यों में भारी अनियमितता, कलेक्टर से उच्च स्तरीय जांच की मांग

लखन गुर्जर राजगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में ग्राम पंचायत हालाहेडी, तहसील खिलचीपुर के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच ग्राम पंचायत हालाहेडी को शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की गई, लेकिन अधिकांश कार्य धरातल पर हुए बिना ही कागजों में पूर्ण दर्शा दिए गए।

22.80 लाख का भुगतान एक ही व्यक्ति के नाम

शिकायत के अनुसार पंचायत द्वारा फर्जी बिल लगाकर 22 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान कुशल दांगी के नाम से किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति सरपंच जसौदा बाई का पुत्र है तथा उसके नाम से क्षेत्र में कोई वास्तविक दुकान या सामग्री आपूर्ति कार्य मौजूद नहीं है। इसके बावजूद पंचायत खाते से राशि उसके खाते में ट्रांसफर की गई।

बालाजी ट्रेडर्स के नाम दर्शाए गए अधिकांश बिल

आवेदन में यह भी उल्लेख है कि पंचायत रिकॉर्ड में सामग्री खरीदी “बालाजी ट्रेडर्स” से दर्शाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लेन-देन मिलीभगत और हितों के टकराव की ओर इशारा करता है।

46.84 लाख के वृक्षारोपण कार्यों पर सवाल

ग्रामीणों के अनुसार सार्वजनिक वृक्षारोपण के नाम पर—

हनुमान चौराहे से गांव तक

तालाब के पास

बस्ती क्षेत्र

शांति धाम सहित अन्य स्थानों पर

कुल 46 लाख 84 हजार रुपये की लागत दर्शाई गई है, लेकिन धरातल पर पौधे, सुरक्षा या रखरखाव का कोई नामोनिशान नहीं है।

मनरेगा कार्यों में भी अनियमितता का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में मजदूरी और सामग्री भुगतान कागजों में दिखाया गया, जबकि मौके पर कार्य के प्रमाण नहीं मिले। इससे शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि—

पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए

22.80 लाख सहित अन्य फर्जी भुगतानों की वसूली की जाए

दोषी पाए जाने पर सरपंच, सचिव व संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो

जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत के शासन फंड पर रोक लगाई जाए

जनसुनवाई में अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर मामले को संबंधित विभाग को जांच के लिए भेजने का आश्वासन दिया।

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