मध्यप्रदेश

डिजिटल क्रांति की ओर धनपुरी: पटवारी विजय विश्वकर्मा के नेतृत्व में ‘खेत से चौपाल’ तक पहुंचा फार्मर रजिस्ट्रेशन महाअभियान

महिला किसानों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर दिखाई सक्रियता, डुढहा टोला और आलमगंज में उमड़ा जनसैलाब

 

 

धनपुरी/शहडोल |मोहम्मद असलम बाबा शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शनिवार, 7 फरवरी को पटवारी हल्का धनपुरी में ‘फार्मर रजिस्ट्रेशन महाअभियान’ का शंखनाद किया गया। पटवारी विजय विश्वकर्मा के कुशल मार्गदर्शन और ऊर्जावान नेतृत्व में आयोजित इस शिविर ने क्षेत्र में जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की है। इस महाअभियान की सबसे गौरवशाली तस्वीर तब उभरकर आई जब पुरुषों के साथ-साथ महिला किसानों ने भी बड़ी संख्या में चौपाल पहुंचकर अपना डिजिटल पंजीयन सुनिश्चित कराया।
दो चरणों में चला सघन अभियान
पंजीयन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पटवारी विजय विश्वकर्मा ने पूरी योजना को दो चरणों में विभाजित किया:
प्रथम चरण (सुबह 11:00 बजे): अभियान का विधिवत शुभारंभ डुढहा टोला से हुआ। यहाँ टीम ने उन किसानों पर विशेष ध्यान दिया जो तकनीक से अनभिज्ञ थे। पटवारी की टीम ने स्वयं उनके दस्तावेजों की जांच कर मौके पर ही ऑनलाइन प्रविष्टि की।
द्वितीय चरण (दोपहर 02:00 बजे): टीम आलमगंज पहुंची, जहां एक विशाल चौपाल का आयोजन किया गया। यहाँ का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था, जहाँ ग्रामीणों ने टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग दिया।
आधी आबादी का सशक्त नेतृत्व
आमतौर पर कृषि कार्यों में पर्दे के पीछे रहने वाली महिलाओं ने इस बार अग्रणी भूमिका निभाई। पटवारी विजय विश्वकर्मा ने विशेष रूप से महिला किसानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम और डिजिटल पहचान होने से उन्हें भविष्य में कृषि ऋण और महिला केंद्रित योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। महिलाओं की इस भागीदारी ने साबित कर दिया कि धनपुरी का ग्रामीण परिवेश अब बदलाव के लिए तैयार है।
पटवारी विजय विश्वकर्मा का विजन: “कोई भी किसान न छूटे”
कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए पटवारी विजय विश्वकर्मा ने कहा:
“हमारा उद्देश्य केवल कागजी खानापूर्ति करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की हर एक योजना का पैसा बिना किसी बिचौलिये के सीधे किसान की जेब तक पहुंचे। फार्मर रजिस्ट्रेशन वह चाबी है जिससे कृषि सब्सिडी, खाद-बीज की उपलब्धता और फसल बीमा के द्वार खुलते हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी केवल शुरुआत है। आगामी दिनों में कछियान टोला, कुदरा टोला सहित हल्के के प्रत्येक कोने में इसी प्रकार की चौपालें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने अपनी टीम को निर्देश दिए हैं कि वृद्ध और दिव्यांग किसानों के लिए विशेष सुविधा प्रदान की जाए ताकि उन्हें पंजीयन के लिए भटकना न पड़े।
सराहनीय कार्य की हर ओर गूंज
पटवारी विजय विश्वकर्मा और उनके साथ कार्य कर रही राजस्व टीम के इस जमीनी प्रयास की चारों ओर सराहना हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि पटवारी के इस “फील्ड ओरिएंटेड” दृष्टिकोण से प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान पटवारी और उनकी टीम ने न केवल तकनीकी कार्य किया, बल्कि किसानों की अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को भी धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।

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