लाडली बहनों पर बयान से मचा बवाल, राजगढ़ में राजस्व मंत्री वर्मा ने बदले सुर कहा— ‘कौन माई का लाल काटेगा बहनों का पैसा’, केंद्रीय बजट को बताया विकसित भारत की मजबूत नींव
राजगढ़ लाडली बहना योजना की राशि को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद चौतरफा घिरे मध्यप्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अब अपने सुर बदल लिए हैं। सीहोर जिले में दिए गए धमकी भरे बयान से मची राजनीतिक हलचल और बढ़ते विरोध के बीच मंत्री वर्मा ने राजगढ़ पहुंचकर लाडली बहनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और स्पष्ट शब्दों में कहा कि बहनों की राशि न तो बंद होगी और न ही किसी कीमत पर काटी जाएगी।
राजगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा—
“कौन माई का लाल है जो बहनों का पैसा काट सके। पैसा मिल रहा है और मिलता रहेगा। यही तो हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।”
उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान से किसी बहन को ठेस पहुंची है तो उसके लिए वह क्षमाप्रार्थी हैं।
सीहोर के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, एक दिन पहले गुरुवार को राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सीहोर जिले की इच्छावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धामंदा में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मंच से उन्होंने कहा था कि ग्राम धामंदा में 889 लाडली बहनों को सरकार द्वारा 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्यक्रम में बहनों की उपस्थिति कम है।
उन्होंने अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा था—
“अब सीईओ मैडम से बोलेंगे कि एक दिन सबको बुलाओ और जो नहीं आए, उनका नाम कट जाएगा, रिपोर्ट दे दी जाएगी।”
इस बयान का वीडियो सामने आते ही मंत्री वर्मा विपक्ष और सामाजिक संगठनों के निशाने पर आ गए और मामला तूल पकड़ता चला गया।
राजगढ़ में दी सफाई, वीडियो को बताया तोड़-मरोड़कर पेश किया गया
विवाद के बाद मंत्री वर्मा केंद्रीय बजट 2026-27 की उपलब्धियां गिनाने राजगढ़ पहुंचे, जहां स्थानीय जिला भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसी दौरान जब मीडिया ने उनसे लाडली बहना योजना को लेकर सवाल पूछे, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा—
“मेरा पूरा वीडियो देखिए। कार्यक्रम अस्पताल का था। मैंने सबसे पहले बहनों को प्रणाम किया। मैंने अधिकारियों से कहा था कि धामंदा की 889 बहनों को बुलाइए, मैं अपनी ओर से उनके भोजन की व्यवस्था करूंगा और उनसे संवाद करूंगा। नारी सशक्तिकरण, समूहों की योजनाएं और शासन की सुविधाओं की जानकारी दूंगा। मेरी मंशा कभी पैसा काटने की नहीं थी।”
उन्होंने आगे कहा—
“अगर मेरी बातों से कोई त्रुटि हो गई हो तो उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं। बहनों को पैसा मिलता रहा है और मिलता रहेगा। दुनिया की कोई ताकत इस योजना को समाप्त नहीं कर सकती।”
केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज है। यह बजट गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के सर्वांगीण कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की भावना को दर्शाता है, जो देश को वर्ष 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। बजट को राजनीति के नजरिये से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
बजट के बड़े ऐलान
राजस्व मंत्री ने बताया कि बजट में देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की योजना है।
7 हाई-स्पीड कॉरिडोर
12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर
सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये
उन्होंने कहा कि ये प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और युवाओं पर फोकस
मंत्री वर्मा ने बताया कि कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी शून्य, एक लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, हेल्थ टूरिज्म, जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर जैसे प्रावधान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाएंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए
15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब,
आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड,
✔ खेलो इंडिया के माध्यम से खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
राजनीतिक संदेश साफ
एक ओर जहां लाडली बहना योजना को लेकर दिए गए बयान से मंत्री वर्मा को सफाई देनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय बजट को लेकर उन्होंने सरकार की दूरदर्शी सोच को सामने रखा। पूरे घटनाक्रम से साफ है कि लाडली बहना योजना सरकार की प्राथमिकता में बनी हुई है, और किसी भी तरह के नकारात्मक संदेश को तुरंत संभालने की कोशिश की जा रही है।



