काशी तमिल संगमम् यात्रा का उद्देश्य सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना

प्रयागराज: ‘‘काशी तमिल संगमम्’’ यात्रा के तहत 50 सदस्य, सड़क मार्ग से तमिलनाडू से चलकर मंगलवार को प्रयागराज पहुंचे। प्रयागराज पहुंचे सभी सदस्यों का भव्य महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी द्वारा दल में सम्मिलित सदस्यों का तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया। ‘‘काशी तमिल संगमम्’’ यात्रा दल में सम्मिलित सदस्यों के साथ आयोजित कार्यक्रम में हेल्थ अवेयरनेस कैम्प, तमिल साहित्य और भाषा की समृद्धि के बारे में जागरूकता, डिजिटल तरीकों से शिक्षा की पहुंच को बढ़ाना, फाइनेंशियल लिटरेसी के बारे में जागरूकता फैलाना, शारीरिक और आध्यात्मिक सेहत एवं रिपेयर और मेंटेनेंस सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गयी।
इस अवसर पर महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा कि ‘‘काशी तमिल संगमम् यात्रा माननीय प्रधानमंत्री जी की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय भिन्नताओं के नाम पर फैलाए गए भ्रमों को दूर किया है। यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक एकता को जगाने वाला है। उन्होंने कहा कि काशी और तमिल संस्कृति के बीच प्राचीन काल से ही आध्यात्मिक और विद्यानिष्ठ सम्बंध रहे है। यह संगमम युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का उत्कृष्ट माध्यम है। उन्होंने कहा कि हमारी पुरातन संस्कृति में कभी भाषा का विवाद एवं जातीयता का उन्माद नहीं रहा। हमारी संस्कृति ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे विश्व के कल्याण की कामना करती है। उन्होंने कहा कि काशी तमिल संगमम यात्रा हमारे एकता, समरसता और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत उदाहरण है।




