छत्तीसगढ़

जीवन की अनंत कला है गीता का ज्ञान – जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान

देपालपुर(इंदौर)- जेल प्रशासन द्वारा सब जेल देपालपुर परिसर में आयोजित गीता जयंती समारोह में मुख्य अतिथि तहसील विधिक सेवा समिति देपालपुर के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि गीता जयंती का यह पावन अवसर जीवन में सत्कर्म, आत्मनियंत्रण और कर्तव्यपरायणता को स्थापित करने का संकल्प दिलाता है।

जिला न्यायाधीश श्री खान ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रसिद्ध वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य का अधिकार केवल अपने कर्म पर है, फल पर नहीं। निष्काम कर्म ही व्यक्ति को वास्तविक सफलता और संतोष प्रदान करते हैं।उन्होंने उपस्थित बंदियों एवं स्टाफ को जीवन में कर्तव्य को सर्वोपरि रखने, मानवता की सेवा को ईश्वर सेवा मानने तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का आह्वान किया।

जिला न्यायाधीश श्री खान ने आगे कहा कि गीता का ज्ञान मनुष्य को अपने मन का स्वामी बनना सिखाता है, और यही जीवन जीने की अनंत कला है जो हर परिस्थिति में सही मार्ग दिखाती है।

कार्यक्रम के दौरान चौबीस अवतार मंदिर देपालपुर के आचार्य पंडित ईशान शर्मा ने सभी बंदियों के साथ श्रीमद्भगवद्गीता के पंद्रहवें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’ का प्रभावी एवं भावपूर्ण वाचन किया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।

समारोह का सफल संचालन योग गुरु डॉ. इंदर सिंह राठौर ने किया और आभार प्रदर्शन सहायक जेल अधीक्षक आर.एस. कुशवाह ने किया।

कार्यक्रम में योग गुरु विनय नागर, जेल चिकित्सक डॉ. नवीन चंद्रवंशी, प्रमुख मुख्य प्रहरी रामेश्वर झणिया, प्रहरी नाना अरड़, सुनील मुवेल, गौरव चौरसिया, महिला प्रहरी आरती सोलिया, एकता पटेल सहित समस्त बंदीगण एवं जेल स्टाफ उपस्थित रहा।

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