दुकानों पर बेची जा रही नकली चाकलेट, केंडी
बच्चों के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड, गांव-गांव तक फैला मिलावटखोरों का नेटवर्क
सीहोर। खाने पीने की वस्तुओं में मिलवाट की खबरें तो आम हैं ही लेकिन मिलावटखोर मुनाफे की लालच में बच्चों की सेहत से भी खिलवाड कर रहे हैं। बाजार में बडी ब्रांडेड कंपनियों से मिलते जुलते नाम की चाकलेट,केंडी एवं अन्य बच्चों के खाने पीने की वस्तुएं बेची जा रही हैं। इसका एक बडा बाजार खडा हो गया है। कोई रोकटोक नहीं होने के कारण इनका जाल गांव गांव में फैल चुका है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान दौर में चाकलेट, जेली, केंडी, चिप्स, गोलियां, लठठू सहित कई पैकेट फूड बाजार में उपलब्ध हैं, जो बच्चों की खासी पंसद बने हुए हैं। इस बाजार में बढती मांग के कारण इन आयटमों में बडे पैमाने पर मिलावट हो रही है। इन मिलवाटखोरों के हौंसले इस कदर बुलंद हैं कि खुलेआम बडी कंपनियों की वस्तुओं के मिलते जुलते पैकेट बना कर नकली उत्पाद बाजार में बेच रहे हैं। बच्चें ऐसे आयटमों का उपयोग कर रहे हैं जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड रहा है।
गांव तक फैल चुका नेटवर्क
बताया जा रहा है कि यह नकली सेहत बिगाडने वाले आयटम आसपास के जिलों से मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं। थोक विक्रेता दुकानदार बडी मात्रा में ऐसे उत्पाद खरीद रहे हैं और उन्हें मोहल्लों और गांव के छोटे छोटे दुकानदारो तक पहुंचा रहे हैं। इनकी जांच पडताल न होने के कारण यह धंधा खूब फल फूल रहा है।
जांच की जाएगी
त्यौहारों के देखते हुए दूध, मिठाई, मावा, पनीर, घी के सेंपल लिए जा रहे हैं। इसके बाद दुकानों पर जाकर इन आयटमों के सेंपल लेंगे। निरंतर जांच चलती रहती है।
एडलिन पन्ना, खाद्य एंव औषधि प्रशासन विभाग अधिकारी सीहोर


