स्वास्थ्य भवन में पेंशन अदालत का आयोजन

जयपुर, 23 सितम्बर। मुख्य सचिव श्री वी.श्रीनिवास ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित पेंशन अदालत में 13 पेंशनर्स को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों में उपस्थित पेंशनर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान का पेंशन सिस्टम देश के बेहतरीन पेंशन सिस्टम में से एक है। राज्य सरकार पेंशनर्स के अधिकारों और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं का समय पर समाधान सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में अब जिलों में भी पेंशन अदालतों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, पेंशन प्रक्रिया को और सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल पीपीओ जारी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री वी. श्रीनिवास ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जुलाई से अब तक विभाग में 486 पेंशन प्रकरण पेंडिंग थे, जिनमें से 356 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने शेष प्रकरणों का भी जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि आरजीएचएस योजना के तहत जिन बड़े अस्पतालों में ओपीडी का भार अधिक है, वहां पेंशनर्स की सुविधा के लिए पृथक ओपीडी काउंटर बनाए जाएं। इससे पेंशनर्स को इलाज के लिए पंजीकरण एवं अन्य प्रक्रियाओं में आसानी होगी और उन्हें अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने पेंशनर्स के लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ लेने के लिए पेंशनर्स एसोसिएशन बनाने का सुझाव दिया। साथ ही, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभवों को साझा करने के लिए एक्सपीरियंस सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि वर्तमान में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी भी उनके अनुभवों से सीख सकें।
पेंशन अदालत में शामिल पेंशनर्स ने राज्य सरकार द्वारा संचालित पारदर्शी एवं ऑनलाइन पेंशन पोर्टल की सराहना की। उन्होंने आरजीएचएस योजना के माध्यम से मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पेंशन अदालत का नवाचार शुरू किया गया है। विभाग पेंशनर्स के मामलों में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ समयबद्ध कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई से अब तक पेंडिंग 486 पेंशन प्रकरणों में से 356 का निस्तारण किया जा चुका है। शेष प्रकरणों को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
पेंशन अदालत में शासन सचिव कार्मिक श्रीमती अर्चना सिंह, शासन सचिव वित्त (व्यय) श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा,पेंशन निदेशक श्री महेन्द्र सिंह भूकर, निदेशक अराजपत्रित श्री राकेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स उपस्थित रहे।




