बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए विद्यालयों में बेहतर वातावरण जरूरी: मंत्री राम विचार नेताम


एकलव्य विद्यालयों के निर्माण में देरी पर नाराजगी, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
रायपुर।
आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने नवा रायपुर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय केंद्र सरकार के शत-प्रतिशत सहयोग से संचालित हैं, इसलिए विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। नए भवन प्रस्तावों में जिम और ऑडिटोरियम को अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में देरी पर मंत्री ने एजेंसियों पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को जिलों के कलेक्टरों व विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सामग्री की गुणवत्ता और एकरूपता पर विशेष ध्यान देने तथा लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
विद्यार्थियों के गणवेश की गुणवत्ता सुधारने और एकरूपता लाने के भी निर्देश दिए गए।
राज्य में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 26 जिलों में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें बालक, कन्या और संयुक्त विद्यालय शामिल हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रावासों में स्वास्थ्य परीक्षण, खेल सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण भोजन और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण करने, जर्जर भवनों की मरम्मत प्रस्तावित करने तथा 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में सभी जिलों के सहायक आयुक्त, विद्यालयों के प्राचार्य, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।




