Breaking News

वीयू- “वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से गंभीर अवस्था में रेस्क्यू बाघिन का NDVSU में उपचार, स्वास्थ्य में सुधार के बाद वन विहार भोपाल भेजा गया” 

 

भोपाल  वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की मोहाली रेंज से दिनांक 9 जुलाई 2026 को गंभीर अवस्था में रेस्क्यू की गई बाघिन का विगत दो माह से अधिक समय से निरंतर उपचार एवं स्वास्थ्य प्रबंधन किया जा रहा था।

बाघिन के उपचार एवं स्वास्थ्य प्रबंधन में स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ (SWFH), नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (NDVSU), जबलपुर की टीम द्वारा निरंतर तकनीकी एवं चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया गया। उपचार के दौरान SWFH के चिकित्सकों के साथ पीजी छात्र-छात्राओं एवं सहयोगी स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाघिन के उपचार में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, जबलपुर के मेडिसिन विभाग के फैकल्टी द्वारा भी आवश्यक चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया गया। बाघिन की स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप उसका नियमित चिकित्सकीय मूल्यांकन, उपचार एवं निरंतर निगरानी की जाती रही।

 

इस पूरे उपचार एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के दौरान नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के माननीय कुलपति डॉ. मंदीप शर्मा द्वारा समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान किए गए। उन्होंने उपचार एवं प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने तथा बाघिन को सर्वोत्तम संभव चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए पूरी टीम का निरंतर उत्साहवर्धन किया।

उनके मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से टीम को बाघिन के उपचार एवं प्रबंधन के दौरान निरंतर बेहतर कार्य करने का आत्मविश्वास मिला।

 

डॉ. आर. के. शर्मा, संचालक, स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, द्वारा बाघिन के उपचार एवं प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों एवं टीम के साथ आवश्यक समन्वय एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। बाघिन के उपचार एवं आगे के प्रबंधन के संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), भोपाल द्वारा भी समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन निर्देश प्रदान किए गए। उनके निर्देशानुसार संचालक डा राजेश कुमार शर्मा एवं डॉ काजल जादव, सह प्राध्यापक, वन विहार भोपाल के आर. एफ. ओ. श्री निलेश एवं उनकी टीम आज दिनांक 17.09.2026 को प्रातः 6:00 बजे बाघिन को विशेष रूप से व्यवस्थित एवं सुरक्षित परिवहन वाहन से वन विहार नेशनल पार्क, भोपाल के लिए लेकर रवाना हुए।

 

वन विहार नेशनल पार्क में बाघिन की आगे की देखभाल, स्वास्थ्य निगरानी एवं आवश्यक उपचार वन विभाग की देखरेख में किया जाएगा।

 

 

 

Related Articles

Back to top button