मध्यप्रदेश

स्थानीय युवाओं की अनदेखी पर उबाल

रोज़गार अधिकार को लेकर अमलाई ओसीएम के बाहर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

 

 

शहडोल/सोहागपुर। मोहम्मद असलम बाबा अमलाई ओसीएम परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित किए जाने के आरोपों ने अब गंभीर रूप ले लिया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने कंपनी प्रबंधन पर स्थानीय हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा विरोध जताया है। चेतावनी दी गई है कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई तो अमलाई ओसीएम के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को तीसरा स्मरण पत्र भेजा गया है, जिसमें बताया गया है कि ओसीएम में आरकेटीसी कंपनी को तीन वर्षों के लिए खनन कार्य का ठेका दिया गया है। स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि नियमों और सामाजिक जिम्मेदारी के तहत लगभग 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए, लेकिन कंपनी प्रबंधन कथित तौर पर इस दिशा में उदासीन बना हुआ है।

पहले भी दिए गए थे ज्ञापन, नहीं हुई कार्रवाई

स्मरण पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस मामले को लेकर पहले भी 8 सितंबर 2025 को ज्ञापन दिया गया था, जिसके बाद 24 सितंबर 2025 को पहला स्मरण पत्र और 9 जनवरी 2026 को दूसरा स्मरण पत्र सौंपा गया। आरोप है कि इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई और स्थानीय युवाओं की भर्ती को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 26, 27 और 28 के युवाओं को रोजगार नहीं मिलने से क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है। उनका आरोप है कि जिस क्षेत्र में खनन कार्य संचालित हो रहा है, उसी क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से वंचित करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

प्रदूषण और विस्थापन का बोझ, रोजगार से वंचित स्थानीय

स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन कार्य के कारण धूल, प्रदूषण और पर्यावरणीय प्रभावों का सबसे अधिक असर आसपास के वार्डों पर पड़ रहा है। इसके बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देना गंभीर अन्याय माना जा रहा है।

स्मरण पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रभावित वार्डों में आदिवासी समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जिनमें मुख्य रूप से बैगा, कोल और गोंड समाज शामिल हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों का आरोप है कि कंपनी द्वारा कथित तौर पर बाहरी लोगों को प्राथमिकता देकर स्थानीय आदिवासी युवाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

धरना प्रदर्शन की चेतावनी

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यदि स्थानीय युवाओं की भर्ती नहीं की जाती है तो 6 फरवरी 2026 से अमलाई ओसीएम कंपनी के मुख्य गेट के सामने सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन स्थल पर पंडाल और बैठक व्यवस्था की भी योजना बनाई गई है।

प्रशासन और कंपनी पर बढ़ता दबाव

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन दोनों पर दबाव बढ़ा दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। क्षेत्र में यह मुद्दा अब जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

जवाब का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों से भी इस संबंध में स्पष्ट बयान का इंतजार किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजगार केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि सामाजिक अधिकार है, और यदि स्थानीय युवाओं को ही रोजगार से वंचित किया जाएगा तो इसका व्यापक सामाजिक और आर्थिक असर क्षेत्र पर पड़ेगा।

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