हिंदुत्व भारत की आत्मा : हिन्दू सर्व समाज के सम्मेलन में पंच परिवर्तन का आह्वान।
हिंदू एक धर्म है, एक विचारधारा है। हिंदू ही है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। उन्होंने हिंदुत्व की अलग-अलग व्याख्या की

हिंदुत्व भारत की आत्मा : हिन्दू सर्व समाज के सम्मेलन में पंच परिवर्तन का आह्वान।
अर्जुनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति सर्व हिन्दू समाज अर्जुनी मंडल के तत्वावधान में आयोजित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में हिंदू सम्मेलन व 108 हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंचस्थ संत समाज की ओर से मुख्य अतिथि देवकर साहब (असंग देव कबीर आश्रम सोनपैरी, महिला वक्ता व अध्यक्षता डॉ. वर्णिका शर्मा (अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण आयोग छ. ग. सैन्य मनोवैज्ञानिक), मुख्य वक्ता टोपलाल वर्मा
(प्रांत संघ चालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,छत्तीसगढ़) शालीन साहू जिला कार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बलौदाबाजार उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचस्थ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि देवकर साहब ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हम यहां नैतिक और सदाचार से ओतप्रोत शैक्षणिक संस्थान इस पावन शिशु मंदिर परिसर में हिंदू सम्मेलन में उपस्थित हुए हैं। यह हमें एहसास दिलाता है कि हमारी समाज के प्रति, राष्ट्र के प्रति क्या जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता का भाव होना चाहिए। हिंदू एक धर्म है, एक विचारधारा है। हिंदू ही है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। उन्होंने हिंदुत्व की अलग-अलग व्याख्या की।
डॉक्टर वर्णिका शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज समाज मे कुरीतियों का चारो ओर से आक्रान्तित हो रहा है जिससे हमें समझने की आवश्यकता है शर्मा ने माताओं को विशेष संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार माताएं कही घूमने या जाती है तो जल्दबाजी में संचय का सामान रखना भूल जाती है जिससे उन्हें रास्ते मे खर्च करना पड़ जाता है, इसी प्रकार देश को समृद्ध बनाने के लिए हर दिशा में समझदारी से कार्य लेना चाहिए साथ ही बच्चो के मन को टटोलना चाहिए आज कहा कि हिंदुत्व भारत की आत्मा है। मुख्य वक्ता वर्मा ने कहा ही आज हिंदू संस्कृति संकटों से जूझ रहा है।
आज भारत मे धर्मांतरण जैसे गतिविधियों में व्यापकता देखा जा रहा है जिसे हिन्दू समाज कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के विषय में कहा है।
जिसमें स्वदेशीः हमारी वेशभूषा में भारतीय दर्शन हो, विदेशी वस्तुओं का न्यूनतम प्रयोग हो, त्योहारों और मांगलिक प्रसंगों को हिंदू पद्धति से मनाना। वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि घर में होने वाले आयोजनों में प्लास्टिक व डिस्पोजल का उपयोग नहीं करना, वृक्ष लगाना आदि। समरसताः जाति के आधार पर किसी से भेदभाव न हो। नागरिक में समरसता का भाव होना चाहिए। । कुटुंब प्रबोधनः सप्ताह में कम से कम एक बार सारा परिवार बैठे, आपस में सुसंवाद करें। पंच परिवर्तन को हमें व्रत के समान स्वीकार करना चाहिए।

इस अवसर पर गीता डोमन वर्मा(जिला पंचायत सदस्य सभापति वन मण्डल एवं पर्यावरण बलौदाबाजार), जिला पंचायत सदस्य सभापति ईशान वैष्णव बलौदाबाजार डोमन वर्मा निवर्तमान मण्डल अध्यक्ष बलौदाबाजार केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज,रमेश शर्मा प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनी,तुलाराम वर्मा खंड संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,टेसुलाल धुरन्धर शिक्षाविद अध्यक्ष भारतमाता सेवा ट्रस्ट छत्तीसगढ़, त्रिलोक यादव जनपद सदस्य प्रतिनिधि विष्णु साहू उपसरपंच अर्जुनी सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनी के समस्त आचार्य दीदी भैया बहने सहित आयोजक समिति सर्व हिन्दू समाज मंडल अर्जुनी उपस्थित रहे।




