गुर्जर समाज ने अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस के रूप में मनाई सम्राट मिहिर भोज जयंती

राजगढ़। जिला मुख्यालय राजगढ़ में रविवार को गुर्जर समाज द्वारा खुजनेर रोड स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप देवनारायण मंदिर परिसर में गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की जयंती अंतरराष्ट्रीय गुर्जर दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं युवाओं ने सम्राट मिहिर भोज के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर पुष्पांजलि दी तथा उनके जीवन, शौर्य, शासन व्यवस्था और ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने सम्राट मिहिर भोज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारतीय इतिहास के प्रमुख शक्तिशाली शासकों में गिने जाते हैं। उनके शासनकाल में गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य ने उत्तर भारत में महत्वपूर्ण राजनीतिक और सैन्य शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई। वक्ताओं ने समाजजनों से सम्राट मिहिर भोज के जीवन एवं उनके ऐतिहासिक योगदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
करीब 49 वर्षों तक किया शासन
कार्यक्रम में बताया गया कि सम्राट मिहिर भोज, जिन्हें प्रथम भोज के नाम से भी जाना जाता है, गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के प्रमुख शासक थे। ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार उनका शासनकाल लगभग 836 ईस्वी से 885 ईस्वी तक रहा। उनकी राजधानी कन्नौज थी। उनके शासन के दौरान गुर्जर-प्रतिहार सत्ता का प्रभाव उत्तर भारत के बड़े भू-भाग तक माना जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि सम्राट मिहिर भोज ने लंबे समय तक शासन करते हुए अपने साम्राज्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके शासनकाल को भारतीय इतिहास में गुर्जर-प्रतिहार शक्ति के उत्कर्ष के महत्वपूर्ण काल के रूप में देखा जाता है।
समाज की एकता और इतिहास से जुड़ने का संदेश
जयंती समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को उनके इतिहास, संघर्ष और योगदान से परिचित कराना भी है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने सम्राट मिहिर भोज के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में आपसी भाईचारा एवं एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर गुर्जर समाज के वरिष्ठजन एवं पदाधिकारी भारत सिंह गुर्जर पंडाजी, नारायण सिंह गुर्जर पंडाजी, जगदीश गुर्जर पंचायत सचिव, श्याम सिंह गुर्जर शिक्षक, भगवान सिंह गुर्जर शिक्षक, सागर सिंह गुर्जर पंचायत सहायक सचिव, हरिओम गुर्जर, कैलाश गुर्जर, लखन गुर्जर पत्रकार, पप्पू गुर्जर डॉक्टर, गजराज गुर्जर, जीवन गुर्जर सहित समाज के अन्य लोग उपस्थित रहे।



