मध्यप्रदेश

SECL जमुना कोतमा क्षेत्र में अवैध कब्जों पर प्रशासन का ‘हथौड़ा’; भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में दो सरकारी आवास खाली कराए गए

 

जमुना टाउनशिप (अनूपपुर) |मोहम्मद असलम बाबा मंगलवार, 17 फरवरी 2026

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जमुना कोतमा क्षेत्र में आज सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का एक बड़ा अभियान चलाया गया। संपदा अधिकारी एवं मुख्य महाप्रबंधक (संचालन) श्री अजय कुमार के कड़े निर्देशों के बाद, टाउनशिप के माइनर्स कॉलोनी में वर्षों से जमे अवैध कब्जे को सुरक्षा बलों के सहयोग से जमींदोज कर दिया गया।

सुबह से ही छावनी में तब्दील हुई माइनर्स कॉलोनी

मंगलवार सुबह से ही जमुना टाउनशिप की माइनर्स कॉलोनी में हलचल सामान्य से अधिक थी। बेदखली की इस कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए SECL के विभागीय सुरक्षा बल के साथ-साथ एसआईएसएफ (SISF) के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया था। सुरक्षा बलों की उपस्थिति का उद्देश्य किसी भी संभावित विरोध को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। देखते ही देखते पूरा इलाका खाकी वर्दी के पहरे में आ गया, जिससे अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।

केस फाइल: 9 साल पुराना अवैध ‘साम्राज्य’

यह पूरी कार्रवाई प्रकरण क्रमांक 03/2026 के तहत की गई, जो सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री जगन्नाथ प्रसाद गर्ग (पिता श्री अयोध्या प्रसाद गर्ग) के विरुद्ध दर्ज था।

सेवानिवृत्ति के बाद भी मोह: दस्तावेज दर्शाते हैं कि श्री गर्ग 31.01.2015 को ही सेवानिवृत्त हो चुके थे। नियमानुसार उन्होंने अपना मूल आवंटित आवास (डी/147) मार्च 2015 में खाली कर दिया था।

अवैध घुसपैठ: इसके बाद, बिना किसी आधिकारिक आवंटन या सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के, उन्होंने आवास क्रमांक डी/136 और डी/137 पर अनाधिकृत रूप से कब्जा कर लिया और वहां सपरिवार निवास करने लगे।

कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन: संपदा न्यायालय ने पाया कि अनावेदक द्वारा कब्जे के समर्थन में कोई भी लिखित आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया। ‘सरकारी स्थान (अप्राधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1971’ की धारा 4 के तहत नोटिस जारी कर उन्हें पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर 31 जनवरी 2026 को बेदखली का अंतिम आदेश (Eviction Order) पारित किया गया।

बल प्रयोग और प्रशासनिक कार्रवाई

आज 15 दिनों की वैधानिक समय सीमा समाप्त होने के बाद, संपदा अधिकारी श्री अजय कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँची। जब कब्जाधारी ने आवास खाली करने में आनाकानी की, तो आदेशानुसार ‘आवश्यक बल प्रयोग’ का सहारा लिया गया। SISF और विभागीय सुरक्षा कर्मियों ने घेराबंदी कर आवासों से सामान बाहर निकलवाया और परिसर को सील कर आधिकारिक रूप से SECL प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया।

मुख्य महाप्रबंधक (संचालन) का कड़ा संदेश

कार्रवाई स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

“यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है। सरकारी आवास उन पात्र कर्मचारियों के लिए हैं जो वर्तमान में सेवाएं दे रहे हैं। जो लोग सेवानिवृत्ति के बाद भी अवैध रूप से जमे हुए हैं, उन्हें स्वेच्छा से आवास खाली कर देना चाहिए, अन्यथा कानून अपना काम करेगा।”

— प्रशासनिक सूत्र, SECL जमुना कोतमा

क्षेत्र में व्यापक प्रभाव

इस कार्रवाई के बाद जमुना टाउनशिप के अन्य क्षेत्रों, जैसे पसान और कोतमा के अनधिकृत कब्जाधारियों में भारी बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि लंबे समय बाद प्रबंधन ने इतनी सख्त कानूनी और जमीनी कार्रवाई की है, जिससे पात्र कर्मचारियों को आवास मिलने की उम्मीद जगी है।

मुख्य बिंदु एक नजर में:

दिनांक: 17 फरवरी 2026

स्थान: माइनर्स कॉलोनी, जमुना टाउनशिप (मध्य प्रदेश)

संबंधित कानून: सरकारी स्थान (बेदखली) अधिनियम, 1971 की धारा 5 (1)

मुख्य अधिकारी: श्री अजय कुमार (संपदा अधिकारी एवं मुख्य महाप्रबंधक – संचालन)

सुरक्षा एजेंसी: SECL विभागीय बल एवं SISF

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